नए साल में सीजन की तीसरी बर्फबारी से हिमालयी चोटियां चांदी की तरह चमकने लगी हैं। धारचूला के उच्च हिमालयी गांव कुटी में तीन फुट से अधिक तो मुनस्यारी में दो इंच तक बर्फबारी हुई। पर्यटकों ने नंदा देवी मंदिर डाडाधार में बर्फ का लुत्फ उठाया। मुनस्यारी में मंगलवार की शाम फिर से बर्फबारी हुई। बाजार क्षेत्र में जहां दो इंच तो कालामुनी, बेटुलीधार, बलांति में लगभग एक फुट बर्फ पड़ी। बर्फ के चलते थल -मुनस्यारी सड़क पर कुछ देर आवागमन बाधित हुआ। बाद में जेसीबी से बर्फ हटाकर यातायात शुरू किया गया। अस्कोट के जौरासी, घनधुरा, पय्यापौड़ी, कनार, शिखर,ध्वज, सिंगाली के ऊपरी क्षेत्र में बर्फबारी हुई है। इससे निचले गांवों में लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। धारचूला के दारमा, व्यास घाटी में भी ताजा हिमपात हुआ है। यहां पहले से ही दो फुट से अधिक बर्फ जमा होने से ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दारमा के दांतू गांव निवासी होम स्टे संचालक संजय जंग, गुड्डू जंग और हितेश दताल ने बताया कि घाटी के ग्राम नागलिंग से ऊपर के गांवों में ताजा बर्फबारी हुई है। बीआरओ के मेट कवींद्र सिंह नगन्याल ने बताया कि बर्फ गिरने से सेला से ऊपर सड़क बंद है। व्यास घाटी के गर्ब्यांग से ऊपर के गांवों में एक फुट से अधिक बर्फ गिरी है। कुटी गांव के प्रधान नगेंद्र सिंह कुटियाल ने बताया कि मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक क्षेत्र में तीन से चार फुट तक बर्फबारी हो चुकी है।