किसानों को समझाने में हुए कामयाब तो बदल जाएगा सीन:भरत सिंह चौधरी -कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने पिथौरागढ़ पहुंचकर की योजनाओं की समीक्षासंवाद न्यूज एजेंसी पिथौरागढ़। उत्तराखंड के लोग संघर्षशील रहे हैं। ऐसे में यहां के लोग खेती-किसानी को आसानी से अपना सकते हैं। सीमांत जिला भी कृषि प्रधान है। ऐसे में यहां के लोगों खासकर महिलाओं का दुग्ध उत्पादन आर्थिकी की बेहतर जरिया बन सकता है। यदि हम किसानों को यह बात समझाने में कामयाब हुए तो पूरा सीन बदल जाएगा। यह बात कही पिथौरागढ़ पहुंचे कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने। कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कलक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक कर योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने ग्रामीण विकास, पीएमजीएसवाई, पशुपालन, मनरेगा, पीएम आवास योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, खादी एवं ग्रामोद्योग आदि योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि सीमांत जिले में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देकर यहां के किसानों की आर्थिकी मजबूत की जा सकती है। पशुपालन और विकास विभाग को इसके लिए संयुक्त प्रयास करने चाहिए। एआई के जरिए गाय की नस्ल सुधार कर दुग्ध उत्पादन को बढ़ाया दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जिले में एआई यानि कृत्रिम गर्भाधान के लिए कर्मियों की कमी है। ऐसे में पशु सखियों को एआई के लिए प्रशिक्षित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसानों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए स्थानीय लोग जरूरी हैं। खासकर अधिकारियों के लिए ग्रामीण महिलाओं को आसान भाषा में समझाना मुश्किल हो रहा है। यदि सरकार और प्रशासन महिला किसानों को समझाने में कामयाब हुआ तो इसके परिणाम कई गुना बेहतर होगा। उन्होंने सीमांत की सड़कों को भी बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़कें बेहतर होंगी तो इससे पर्यटन भी बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इस मौके पर विधायक गंगोलीहाट फकीर राम टम्टा, मेयर कल्पना देवलाल, पूर्व विधायक चंद्रा पंत, डीएम आशीष कुमार भटगाईं, सीडीओ डॉ. दीपक सैनी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।