मुनस्यारी विकासखंड के रांथी, नमजला, चड़खम और नगरीबाड़ा की महिलाओं, पुरुषों और युवाओं के साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने तहसील मुख्यालय पहुंचकर जुलूस निकालते हुए दरकोट-नमजला सड़क पर डामरीकरण की मांग की। उन्होंने तहसील परिसर में प्रदर्शन करते हुए शीघ्र सड़क का सुधारीकरण और डामरीकरण न होने पर चक्का जाम की चेतावनी दी। चारों गांव के ग्रामीण पूर्व प्रधान भगत सिंह बिष्ट के नेतृत्व में जुलूस निकालते हुए तहसील कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1999 में दरकोट से नमजला तक डेढ़ किलोमीटर सड़क का निर्माण हुआ। सुधारीकरण और नाली निकास न होने से यह सड़क बदहाल हो चुकी है। गड्ढों और कीचड़ से पटी सड़क पर वाहनों की आवाजाही तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है। इस सड़क से हर रोज चारों गांणों के विद्यार्थी आवाजाही करते हैं। हालात यह हैं कि बदहाल सड़क पर खतरे को देखते हुए बच्चों को स्कूल भेजना भी मुश्किल हो रहा है। लंबे समय से सड़क सुधारीकरण की मांग की जा रही है लेकिन इसके लिए शासन-प्रशासन गंभीरता नहीं दिखा रहा है।