पर्यटन नगरी मुनस्यारी में बिगड़ती कानून व्यवस्था, आए दिन सामने आ रही चोरी और हत्या की घटनाओं से आक्रोशित क्षेत्र के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। पुलिस की तरफ से आयोजित गोष्ठी में लोगों ने कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चोरी और हत्या की घटनाओं की खुलासा करने में पुलिस नाकाम साबित हो रही है। कानून व्यवस्था की मजबूती के सिर्फ हवाई दावे हो रहे हैं। डीएम और एसपी के निर्देश पर सोमवार को कोतवाली में में आयोजित गोष्ठी में जनप्रतिनिधियों और व्यापारियों ने पुलिस-प्रशासन को घेरा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। उप जिलाधिकारी डॉ. ललित मोहन तिवारी और सीओ केएस रावत के नेतृत्व में आयोजित इस बैठक में लोगों ने तीखे सवाल दागे। उन्होंने कहा कि पिछले छह महीनों में हुई चोरी की एक भी घटना का पुलिस अब तक खुलासा नहीं कर पाई है। क्षेत्र में हुई तीन अलग-अलग हत्याओं के मामलों में अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं। सड़कों पर बेखौफ दौड़ते ओवरलोड वाहन और बाइक दौड़ाते नाबालिगों पर पुलिस की नजर नहीं पड़ रही है। पर्यटन नगरी में कानून व्यवस्था का ध्वस्त होना चिंता का विषय है। सभी ने आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग की। चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द चोरी और हत्या की घटनाओं का खुलासा नहीं हुआ तो वे सड़कों पर उतरेंगे। सीओ रावत ने एक हफ्ते में हालातों में बदलाव का भरोसा दिलाया। बैठक में व्यापार संघ अध्यक्ष प्रमोद द्विवेदी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनोहर टोलिया, ग्राम प्रधान धर्मेंद्र कुमईया, गौरव जसवाल, श्रीराम सिंह धर्मशक्तू, केदार मर्तोलिया, हुकुम चिराल, पूरन पांडे, विनोद पांगती समेत विभिन्न संगठनों के लोग और टैक्सी यूनियन के पदाधिकारी मौजूद रहे।