पिथौरागढ़ जिले की तहसीलें गंभीर प्रशासनिक संकट से जूझ रही हैं। विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस सीमांत जिले में अधिकांश तहसीलें उपजिलाधिकारी (एसडीएम) और तहसीलदार विहीन हैं। जिले में केवल तीन एसडीएम तैनात हैं, जिनके पास कई तहसीलों का अतिरिक्त प्रभार है। वहीं, तहसीलों में तहसीलदारों के पद भी खाली पड़े हैं। जिले में उपजिलाधिकारियों के छह और एक अतिरिक्त मजिस्ट्रेट का पद सृजित है, लेकिन वर्तमान में केवल तीन ही तैनात हैं। एसडीएम गंगोलीहाट को उपजिलाधिकारी पिथौरागढ़ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। धारचूला में एसडीएम तैनात है, जबकि एसडीएम डीडीहाट को मुनस्यारी और बेड़ीनाग तहसीलों का भी प्रभार संभालना पड़ रहा है। तहसीलों की स्थिति और भी चिंताजनक है। जिले की 12 तहसीलें केवल तीन तहसीलदारों के हवाले हैं, जिससे जनता को प्रशासनिक सेवाओं में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।कांग्रेस नेता महेंद्र लुंठी ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा है कि बिना एसडीएम और तहसीलदारों के जनता की समस्याओं का समाधान कैसे होगा? उन्होंने प्रशासनिक पदों को शीघ्र भरने की मांग की है।