कई दिनों से बगैर परमिट लखीमपुर-पिथौरागढ़ रूट पर संचालित हो रही निजी बस को परिवहन विभाग ने सीज कर दिया। चालक के पास न तो डीएल मिला और न ही बस का परमिट। बस में सवार 11 यात्रियों को परिवहन निगम ने रोडवेज की बस से जिला मुख्यालय पहुंचाया, जिन्हें आज गंतव्य को भेजा जाएगा। कई दिनों से यूपी के लखीमपुर से एक निजी बस (यूपी 43 बीटी 3341) अवैध रूप से पिथौरागढ़ तक संचालित हो रही थी। बगैर परमिट के बस संचालित कर यात्रियों की सुरक्षा को अनदेखा कर इसमें सफर कराया जा रहा था। साथ ही परिवहन निगम को भी राजस्व की चपत लग रही थी। परिवहन निगम को मामले की जानकारी मिली तो इसकी सूचना परिवहन विभाग को दी गई। मंगलवार सुबह पिथौरागढ़ पहुंची बस को एआरटीओ के नेतृत्व में पहुंची टीम ने अपने कब्जे में ले लिया। कुछ देर बाद चालक गोला, लखीमपुर (यूपी) निवासी कासिम ने भविष्य में ऐसा न करने की बात कहकर बस को छुड़ा लिया। कुछ देर बाद ही वह बस में फिर से 11 यात्रियों को लेकर रवाना हो गया। यात्रियों को अवैध रूप से ले जाने की जानकारी मिलते ही एआरएम रवि शेखर कापड़ी ने इसकी सूचना एआरटीओ को दी। परिवहन विभाग और निगम की संयुक्त टीम ने बस का पीछा कर उसे जिला मुख्यालय से तीन किमी दूर धमौड़ के पास पकड़ लिया गया। एआरटीओ ने अवैध रूप से संचालित बस को सीज कर उसमें सवार 11 यात्रियों को अपनी बस में बैठाकर वापस जिला मुख्यालय पहुंचाया। निगम के मुताबिक सभी यात्रियों को बुधवार को रोडवेज बस से रवाना किया जाएगा।