पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा ने लाडली/नन्ही परी से दरिंदगी करने वाले दोषी के बरी होने का जिम्मेदार प्रदेश सरकार को ठहराया है। उन्होंने कहा कि सरकार की ठोस पैरवी के अभाव में मासूम और उसके परिजनों को न्याय नहीं मिल सका है। ऐसे में अन्य मामलों में पीड़ितों को न्याय मिल सकेगा, इसकी उम्मीद कम ही है।उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में लाडली को न्याय दिलाने की मांग पर भाजपा सड़कों पर उतरी थी। अब उसके शासन में फांसी की सजा पाने वाला बरी हो गया है। उन्होंने कहा कि लाडली और उसके परिजनों को न्याय दिलाने की जिम्मेदारी सरकार को लेनी चाहिए। पूर्व सांसद टम्टा ने सोमवार को लोनिवि विश्राम गृह में पत्रकारों से वार्ता की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में हल्द्वानी के काठगोदाम में लाडली के साथ दुष्कर्म हुआ और उसकी निर्मम हत्या कर दी गई। तत्कालीन सरकार और पुलिस ने इस संवेदनशील मामले में बेहद गंभीरता से काम किया। ठोस साक्ष्य और पैरवी के आधार पर उच्च न्यायालय ने घटना के मुख्य दोषी को फांसी की सजा सुनाई। तब सभी को लगा था कि मासूम और उसके परिजनों को न्याय मिल गया।