पिथौरागढ़ में पर्यावरण बटालियन को शिफ्ट करने से पूर्व सैनिकों में खासा रोष है। इस फैसले को वापस लेने की मांग पर पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों के साथ ही विभिन्न संगठन के लोगों ने कलक्ट्रेट के बाहर धरना दिया। पूर्व सैनिकों ने कहा कि पर्यावरण बटालियन को किसी भी कीमत में शिफ्ट नहीं होने देंगे। मंगलवार को पूर्व सैनिकों और इनके परिजनों ने कलक्ट्रेट के बाहर धरना दिया और नारेबाजी की। पूर्व सैनिकों ने कहा कि पर्यावरण बटालियन की दो कंपनियों को राजस्थान और गुजरात स्थानांतरित करने के फैसले से साफ है कि सरकार को प्रदेश के पूर्व सैनिकों, उनके परिवारों और यहां की जनता के हितों की चिंता नहीं है। यदि सरकार चाहे तो बटालियन को प्रदेश के ही विभिन्न हिस्सों में पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षा संबंधी विभिन्न कार्यों में लगा सकती है। इसका फायदा पर्यावरणीय दृष्टि से समृद्ध और संवेदनशील इस प्रदेश को मिलेगा। यह दुर्भाग्य की बात है कि सरकार पर्यावरण बटालियन को शिफ्ट कर रही है। सभी ने कहा कि वे आखिरी दम तक इसका विरोध करेंगे। चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने इस निर्णय को वापस नहीं लिया तो आंदोलन और तेज होगा। धरने में संगठन के अध्यक्ष मयूख भट्ट, राजेंद्र सिंह जोरा, दयाल सिंह, श्याम विश्व कर्मा, देव सिंह, विक्रम सिंह, गणेश भट्ट, आनंद सिंह, नारायण दत्त, डीडी जोशी, ललित सिंह आदि शामिल रहे।