अब आदि कैलाश तक पहुंच आसान हो गई है। बीआरओ की पहल पर यह संभव हुआ है। बीआरओ ने 14,000 फुट की ऊंचाई पर गुंजी से ज्योलिंगकांग, आदि कैलाश तक 36 किमी सड़क पर दिन-रात काम कर डामरीकरण पूरा किया है इसमें 200 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। बेहतर सड़क बनने से व्यास घाटी के लोगों के साथ ही आदि कैलाश के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही सुगम होगी। 65 आरसीसी ग्रेफ के ओसी लेफ्टिनेंट कर्नल भावना चौकसे ने बताया कि चीन सीमा तक सड़क को बेहतर बनाने में अधिकारियों, कर्मचारियों और मजदूरों ने जमकर पसीना बहाया। 15 महीने तक विषय परिस्थितियों से जूझते हुए दिन-रात बीआरओ ने इस काम को अंजाम तक पहुंचाया है। डामरीकरण के साथ ही सड़क 3.75 मीटर चौड़ी बनाई गई है। कहा सड़क की बेहतरी से चीन सीमा तक पकड़ मजबूत होगी। वहीं इसका सीधा लाभ सीमा सुरक्षा में डटे सैनिकों, व्यास घाटी के लोगों के साथ ही श्रद्धालुओं को मिलेगा। नाबी निवासी अशोक सिंह नबियाल सहित अन्य ग्रामीणों ने खुशी जताते हुए बीआरओ का आभार जताया है। उन्होंने बीआरओ से गुंजी से नाबीढांग तो रांककांग की पूर्व प्रधान अंजू रौंकली, गुंजी की सरपंच लक्ष्मी गुंज्याल ने नपल्चू से गर्ब्यांग तक सड़क सुधारीकरण की मांग की है।