प्रदेश में अंडरलोड लागू करने, चेकिंग का अधिकार सिर्फ परिवहन विभाग को देने समेत अन्य मांगों को लेकर ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन से जुड़े ट्रांसपोर्टरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने ट्रकों का संचालन भी नहीं किया। हड़ताल के चलते कुमाऊंभर में करीब 400 ट्रक और भारी वाहनों के पहिये थम गए। देवभूमि ट्रक ऑनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले ट्रांसपोर्टरों ने तीनपानी होते हुए रानीबाग चौराहे तक रैली निकाली और मौके पर धरना-प्रदर्शन किया। एसोसिएशन ने मार्ग से जा रहे सभी मालवाहन ट्रकों को रोक दिया। अध्यक्ष राकेश जोशी ने कहा कि काफी समय से अंडरलोड वाहन चलाने के लिए सरकार से मांग कर रहे हैं लेकिन उनकी बात नहीं सुनी जा रही है। हिमाचल की तरह 120 क्विंटल तक माल ले जाने की व्यवस्था यहां भी शुरू की जाए। हर चौकी में वाहनों का चालान हो रहा है जिससे आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। कहा, हड़ताल में अति आवश्यक सेवाएं दूध, गैस आदि वाहनों को नहीं रोका गया है। ट्रक स्वामियों ने रानीबाग चौराहे पर प्रदर्शन किया और ओवरलोड दौड़ रहे वाहनों को भी रोका। सभी ने काठगोदाम थानाध्यक्ष को ज्ञापन भी दिया। प्रदर्शन में ट्रांसपोर्टर उमेश पांडे, दीपक कोश्यारी, नवीन उप्रेती, नवीन मेलकानी, भाष्कर जोशी, ललित पाठक, गिरीश मेलकानी, हरीश मेहता आदि मौजूद रहे। ये हैं प्रमुख मांगें- - राज्य के सभी मुख्य द्वार टनकपुर, रामनगर, रानीबाग, हल्द्वानी, उत्तरकाशी, भद्रकाली, तपोवन, कोटद्वार, विकासनगर आदि जगहों पर सरकारी ऑटोमेटेड कांटों की व्यवस्था सरकार की ओर से की जाए। - राज्य में पुलिस उत्पीड़न बंद होने के साथ सभी रेता, बजरी, पत्थर, खड़िया का रवन्ना और रॉयल्टी गाड़ी की जीबी डब्ल्यू क्षमता के अनुसार जारी की जाए। - वाहनों की चेकिंग का अधिकार केवल परिवहन विभाग के पास हो।