सिस्टम के सुविधाओं को पंक्चर करने से नैनीताल से हल्द्वानी जाने वाले यात्री दोपहर तीन बजे बाद बेबस हो जाते हैं। बस सुविधा नहीं होने से उन्हें गंतव्य तक पहुंचने के लिए धक्के खाने पड़ते हैं। दीपावली पर बसों को मेरे तीर्थ-मेरे बुजुर्ग यात्रा में गंगोत्री समेत अन्य जगह भेजने के कारण यह हालात बने हैं। लोगों ने बस सेवा फिर शुरू करने की मांग की है। नैनीताल से हल्द्वानी के लिए रोजाना 45 बसों का संचालन होता है। चार बसों के गंगोत्री जाने, गाड़ियों में दिक्कत और कुछ को अन्यत्र भेजने से यह संख्या 37 रह गई है। लगभग सात बसें दिल्ली, देहरादून, आगरा की हैं। बसों की संख्या कम होने से नैनीताल-हल्द्वानी प्रतिदिन लगने वाले 144 फेरे घटकर 96 हो गए हैं। इसका सबसे ज्यादा असर शाम को घरों को लौटने वाले नौकरी पेशा वर्ग और छात्र-छात्राओं पर पड़ा है। शाम तीन बजे बाद हल्द्वानी के लिए बस नहीं मिलने से रोजाना अप-डाउन करने वाले लोगों को भटकना पड़ रहा है। कई बार घंटों इंतजार के बाद भी वाहन नहीं मिल रहा है।