रामनगर में सामान खरीदने के लिए क्रेता नहीं हो तो विक्रेता का कोई अस्तित्व नहीं है। यह बात वन मंत्री सुबोध उनियाल ने बृहस्पतिवार को आमडंडा डिपो में हुए क्रेता-विक्रेता सम्मेलन में कही। उन्होंने कहा कि क्रेता-विक्रेता के बीच होने वाले संवाद से निगम और क्रेताओं के बीच बढ़ी दूरियां समाप्त होंगी। साथ ही लकड़ी के व्यापार से राज्य की आए कैसे बढ़ाए इसको लेकर भी चर्चा की गई। बृहस्पतिवार को रामनगर के आमडंडा डिपो में राज्य स्तरीय क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें क्रेता और विक्रेताओं के बीच बेहतर व्यापार को लेकर मंथन किया गया। इस कार्यक्रम में वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि वन निगम की आय को बढ़ाने के लिए आम आदमी की आजीविका से वनों को जोड़ा जाएगा। इसके लिए प्रदेश में जड़ी बुटियों को दुनिया भर में कैसे निर्यात करें, इसको लेकर वनपंचायतों के माध्यम से 628 करोड़ रुपये से हर्बल मिशन योजना शुरू की है। इस योजना में वन पंचायतों के साथ वन निगम को जोड़कर जड़ी बुटियों के निर्यात को बढ़ाया जा सकेगा। साथ ही वन पंचायतों की आय को भी बढ़ाया जा सकेगा। कहा कि व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण एक अच्छे व्यावहार की आवश्यकता होती है। कहा कि इस सम्मेलन से निगम और क्रेताओंं के संबंध मजबूत होंगे। उन्होंने सभी डिपो के उच्चीकरण की बात कही। सभी डिपो में इलेक्ट्रानिक डिस्प्ले लगाई जाएगी। जिसमें लौट की जानकारी होगी। साथ ही ग्रेबियन सेल बनाया जाएगा। जिसमें क्रेता अपनी शिकायतें व सुझाव दे सकेंगे। वहीं अंकिता भंडारी मामले में उन्होंने कहा कि सरकार मामले की सीबीआई जांच करा रही है। कहा कि विपक्ष विरोध के विरोध की राजनीति ना करें। इस दौरान विधायक दीवान सिंह बिष्ट, प्रबंधक निदेशक मीना गिरेवाल, महाप्रबंधक कुमाऊ तेजस्विनी पटेल, महाप्रबंधक गढ़वाल धीरज पांडेय, क्षेत्रीय प्रबंधक महेश चंद्र आर्य, मयंक शेखर, हरीश पाल आदि मौजूद रहे।