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VIDEO: गौलापार स्थित अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में राष्ट्रीय स्तरीय जूजित्सु स्पर्धा में दिखाया दम, उत्तराखंड के खिलाड़ियों का रहा दबदबा

हीरा मेहरा Updated Sun, 21 Dec 2025 01:03 PM IST

अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम गौलापार में जूजित्सु एसोसिएशन ऑफ इंडिया की ओर से आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय जूजित्सु स्पर्धा के पहले दिन उत्तराखंड के खिलाड़ियों का दबदबा रहा। चार दिवसीय प्रतियोगिता में राज्य की टीम ने 18 स्वर्ण अपने नाम किए। उत्तर प्रदेश दूसरे और हरियाणा तीसरे स्थान पर रहा। शनिवार को स्टेडियम के मानसखंड परिसर के बहुउद्देशीय हाल में 23 राज्यों के 800 खिलाड़ियों ने सब जूनियर और जूनियर वर्ग में दमखम दिखाया। जूजित्सु एसोसिएशन ऑफ इंडिया के निदेशक प्रशासन सतीश जोशी ने बताया कि हल्द्वानी के देवांश जोशी, अल्मोड़ा की हर्षिता बिष्ट और ऋषिकेश की नितिका पंत ने राज्य के लिए शुरुआती पदक जीते। इसके बाद अन्य खिलाड़ियों ने 15 स्वर्ण अपने नाम किए। उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों ने 10 और हरियाणा ने आठ स्वर्ण पदक हासिल किए। इससे पूर्व फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं महासचिव विनय कुमार जोशी और अमित अरोड़ा ने चैंपियनशिप का उद्घाटन किया। अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी ओडिशा पुलिस की अनुपमा स्वाइन एवं कांस्य पदक विजेता प्रज्ञा जोशी भी खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने पहुंचीं। निर्णायक मंडल में वरिष्ठ रेफरी पवन सिरोही, रफीउद्दीन, संजय शौ, सिराज अहमद, नीलेश जोशी, नव्या पांडे, जवान सिंह, वैभव पडियार, आदित्य सिंह उत्तराखंड आदि रहे। उत्तराखंड के इन खिलाड़ियों ने जीत स्वर्ण पदक देवांश जोशी, हर्षिता बिष्ट, नितिका पंत, बबीता अधिकारी, रेयांश सिंह, जिया रानी, रियांश, नेईशा थापा, चार्बी बिष्ट, मानस मेवाड़ी, देवांश जोशी, शिवांश सनवाल, सोनम, निधि, ऋद्धिमा नेगी, भव्या जोशी, प्रियंका आर्य और कृष्णांजलि। मुख्य अतिथि का इंतजार करते रहे गए अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम गौलापार में राष्ट्रीय स्तरीय जूजित्सु स्पर्धा के उद्घाटन पर बतौर मुख्य अतिथि खेल कुलपति अमित कुमार सिन्हा को आमंत्रित किया गया था। उनके नहीं पहुंचने पर 45 मिनट के लंबे इंतजार के बाद एसोसिएशन ने औपचारिक रूप से स्पर्धा का शुभारंभ किया। एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार उद्घाटन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को आना था लेकिन व्यस्तता के चलते उनका कार्यक्रम स्थगित हो गया। इसके बाद कुलपति को बतौर मुख्य अतिथि बुलाया गया। गौलापार स्टेडियम में होने के बावजूद वह शुभारंभ करने नहीं पहुंचे। मामले में खेल कुलपति सिन्हा का कहना है कि व्यस्तता के चलते नहीं पहुंच सके।

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