नैनीताल में इन दिनों एक ऐसा दृश्य सामने आ रहा है जो न केवल आंखों को धोखा दे रहा है, बल्कि शहर की सेहत पर भी गहरा प्रहार कर रहा है। सफेद झाग के साथ गिरती एक जलधारा दूर से देखने पर किसी झरने का अहसास कराती है। अनजान पर्यटक इसे कुदरत का करिश्मा समझकर ठिठक जाते हैं, लेकिन जैसे ही वे इसके करीब पहुंचते हैं, हकीकत की सड़ांध उनके होश उड़ा देती है। जिस झरने को देखकर लोग भ्रमित हो रहे हैं, वह दरअसल शहर का एक नाला है। प्रशासनिक लापरवाही के चलते सीवर का यह गंदा पानी सीधे नैनीझील की गोद में समा रहा है। आमतौर पर नैनीताल के हर कोने पर सैलानी सेल्फी और फोटो खिंचवाते नजर आते हैं, लेकिन इस बदबूदार झरने के पास मंजर बिल्कुल अलग है। दुर्गंध इतनी तीव्र है कि लोग यहां तस्वीरें खींचना तो दूर, एक पल रुकने तक को तैयार नहीं हैं। सैलानी अपनी नाक और मुंह ढंककर तेजी से इस रास्ते को पार कर रहे हैं। जहां कभी लोग सुकून के लिए रुकते थे, वहां अब खड़ा होना भी दूभर हो गया है।