नौकुचियाताल क्षेत्र के सिलौटी में वन विभाग की ओर से लगाए गए पिंजरे में एक तेंदुआ फंसा हुआ मिला। तेंदुए के फंसे होने पर वन कर्मियों और विशेषज्ञों ने उसे रेस्क्यू कर रानीबाग रेस्क्यू सेंटर भेजा। अभी पुष्टि नहीं हो पाई है की 25 नवंबर को लीला देवी को मारने वाला यही तेंदुआ था। विभाग की ओर से तेंदुए के सैंपल जांच के लिए देहरादून भेज दिए हैं। वहीं पूर्व में भेजी गई सैंपल रिपोर्ट नहीं आ पाई है।