पूर्व सीएम हरीश रावत ने बुधवार को रामनगर पहुंचकर भगत सिंह चौक पर मौन व्रत रखकर मलिन बस्तियों को हटाने का विरोध किया। उन्होंने इन बस्तियों को हटाने के स्थान पर उन्हें मालिकाना हक देने की मांग की है।भगत सिंह चौक पर करीब एक घंटे मौन व्रत रखने के बाद पूर्व सीएम रावत ने कहा कि जब कांग्रेस की सरकार थी। तब 2016 में विधानसभा में एक कानून पारित कर इन बस्तियों को वैधता दी गई थी और एक हजार से अधिक लोगों को मालिकाना हक देने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही इस प्रक्रिया को रोक दिया। तब से यह मामला लंबित है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब सरकार इन मलिन बस्तियों को उजाड़ने का तैयारी कर रही है। कहा कि सरकार चुनावों को लेकर लेटलतीफी कर रही है। उन्होंने पंचायत चुनावों की तिथि जल्द घोषित कर जून या जुलाई के पहले सप्ताह में चुनाव कराने की मांग की है। इस दौरान पालिकाध्यक्ष हाजी अकरम, संजय नेगी, निशांत पपनै, पुष्कर दुर्गापाल, तनुज दुर्गापाल, नरेंद्र बिष्ट आदि मौजूद रहे।