हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश यूसी ध्यानी की अध्यक्षता में गठित एकल सदस्यीय जांच आयोग ने शुक्रवार को यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले में जन सुनवाई की। इसमें कुमाऊं के विभिन्न स्थानों से पहुंचे परीक्षार्थियों, बेरोजगारों और अभिभावकों ने एक स्वर में 21 सितंबर को हुई स्नातक स्तरीय परीक्षा को रद्द कराने की मांग कर दोबारा एग्जाम कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि मांग नहीं मानी गई तो बेरोजगारों का भविष्य में होने वालीं प्रतियोगी परीक्षाओं से भरोसा उठना तय है। काठगोदाम स्थित सर्किट हाउस में शुक्रवार सुबह 11 बजे से शुरू हुई जनसुनवाई में लोगों ने प्रतियोगी परीक्षाओं की जांच पारदर्शिता और निष्पक्षता से कराते हुए शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित कराने की मांग की। उन्होंने सुझाव दिया कि भविष्य में होने वालीं परीक्षाएं कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता से कराई जाएं। प्रत्येक एग्जाम से पहले एक दल हर केंद्र की गहनता से जांच करे।आयोग के अध्यक्ष ध्यानी ने कहा कि जांच कार्य पूरी तरह निष्पक्षता, पारदर्शी और तथ्यों पर आधारित होगा। जन सुनवाई में पहुंचे लोगों, केंद्र व्यवस्थापकों और केंद्र प्रभारियों ने आयोग के समक्ष कई सुझाव रखे। एडीएम शैलेंद्र सिंह नेगी ने 21 सितंबर को हुई परीक्षा के लिए जिले में किए गए सुरक्षा बंदोबस्त समेत अन्य जानकारियां आयोग के समक्ष रखीं। इस मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल सिंह चौहान, एसडीएम राहुल शाह आदि मौजूद थे।