भगवान शिव-पार्वती व गणेश, राम-लक्ष्मण, देवी-देवताओं के विभिन्न रूप एवं वेषभूषा में सजे बच्चे, छोलिया दल के कलाकार और मैया के जयकारे लगाते भक्तों के बीच बृहस्पतिवार को नैनीताल नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। आखिर में नैनीझील में महिषासुर मर्दिनी समेत अन्य देवी-देवताओं की मूर्ति को विसर्जित कर दिया गया। सर्बजनिन दुर्गा पूजा कमेटी की ओर से 28 सितंबर को शुरू हुए 69वें दुर्गा पूजा महोत्सव का बृहस्पतिवार को पारायण हुआ। सुबह नयना देवी मंदिर में 9:27 बजे महादशमी पूजन हुआ। सुबह दस बजे से 11 बजे तक दर्पण विसर्जन एवं देवी वरण का कार्यक्रम हुआ। मुख्य पुजारी शुभ चक्रवर्ती की ओर से धार्मिक अनुष्ठान कराए गए। एक बजे बाद नयना देवी मंदिर से मां महिषासुर मर्दिनी, गणेश, कार्तिकेय, सरस्वती, मां लक्ष्मी की शोभायात्रा शुरू हुई। मल्लीताल बाजार आदि के बाद शोभायात्रा मॉल रोड से होते हुए तल्लीताल डांठ, मुख्य बाजार, नया बाजार से होते हुए ठंडी सड़क की ओर रवाना हुई। पंप हाउस के पास मूूर्तियों को नैनीझील में विसर्जित कर दिया गया। शोभायात्रा में भजन मंडली और छोलिया नृतकों के साथ ही स्कूली बच्चों की झांकियां आकर्षण का केंद्र रही। लोगों ने घरों से अक्षत व फूल बरसाकर मां दुर्गा को नमन किया। महोत्सव में बंगाली और कुमाऊंनी संस्कृति का समागम देखने को मिला। शोभायात्रा मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर मैया की पूजा की गई। आयोजन की सफलता में अध्यक्ष बहादुर सिंह बिष्ट, वरिष्ठ उपाध्यक्ष त्रिभुवन फर्त्याल, महासचिव उमेश मिश्रा, कोषाध्यक्ष राकेश कुमार, भास्कर बिष्ट, संरक्षक प्रेम कुमार शर्मा, चंदन कुमार दास, विशाल वर्मा, आशीष वर्मा आदि रहे।