हरिद्वार सिंचाई विभाग कार्यालय पर पहुंचे स्थानीय कारोबारी व व्यापारी अधिशासी अभियंता पर लगाए गंभीर आरोप। उनका कहना है कि 60 लाख की पार्किंग 8 लाख में चहेते को सिंचाई विभाग ने आवंटित कर दिया। बावजूद इसके कि पार्किंग का क्षेत्र पूरी तरह खाली रखने का निर्देश उच्च न्यायालय नैनीताल की ओर से दिया गया है। आरोप है कि ठेकेदारी प्रथा शुरू करते ही वाहनों के खड़े करने पर अवैध वसूली शुरू हो गई है। सभी ने अधिशासी अभियंता कार्यालय पर जमकर नारेबाजी की और उनके वाहन के आगे बैठे रहे। सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता ओमजी गुप्ता ने कहा कि सभी कार्य नियम के अनुसार किए गए हैं सारे आरोप गलत हैं।