चंपावत के मैदानी क्षेत्र से चरवाहों का पिथौरागढ़ जिले के उच्च हिमालयी क्षेत्रों को लौटना शुरू हो गया है। चरवाहे 600 भेड़ों का झुंड लेकर धारचूला के लिए रवाना हो गए हैं। मूल रूप से इन चरवाहों को अनुवाल कहा जाता है जो मौसमी प्रवास में जाते हैं। ललुवापानी क्षेत्र में पैदल सफर तय कर बनलेख क्षेत्र से पहुंचे। मुख्य चरवाहे बहादुर ने बताया कि वह लंबे समय से भेड़ पालन से जुड़े हैं।