चंपावत में प्रमुख वन संरक्षक डाॅ. धनंजय मोहन ने की प्रेसवार्ता। चंपावत जिले को इको पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने का काम होगा। इससे क्षेत्र में पर्यटन भी बढ़ेगा और लोगों को रोजगार मिलेगा। वनाग्नि की रोकथाम के लिए जागरूकता गोष्ठी की गई है। प्रदेश में पांच हजार से अधिक गोष्ठियों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया है। सामूहिक प्रयास से ही वनाग्नि को रोका जा सकता है।