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कोरोना जैसे आपताकाल में मनेरगा ने ग्रामीणों को दिया था सहारा: लखपता बुटोला

रेनू सकलानी Updated Sat, 10 Jan 2026 10:57 PM IST

कोरोना जैसे आपातकाल में जहां सब कुछ खत्म हो गया था। ऐसे में मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना ने ग्रामीणों की आर्थिकी को मजबूत करने का काम किया था। लेकिन वर्तमान की भाजपा सरकार ऐसी महत्वकांक्षी योजना में फेरबदल करने का काम कर रही है। सरकार 125 दिन रोजगार देने की बात कर रही है। लेकिन कई गांव अभी भी नेटवर्क विहीन है। ऐसे में ऑनलाइन हाजिरी की प्रक्रिया होने से कई ग्रामीण रोजगार सेे वंचित हो सकते है। वहीं अंकिता हत्याकांड की सीबीआई जांच हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के जजो की निगरानी में करानी चाहिए। और इसके लिए कम से कम तीन माह का समय सीमा निर्धारित होनी चाहिए। कर्णप्रयाग में आयोजित कांग्रेस की प्रेस वार्ता में कांग्रेस पदाधिकारियों ने अंकिता, मनेरगा और जंगली जानवरों पर की वार्ता। शनिवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में बदरीनाथ विधायक लखपत सिंह बुटोला ने कहा कि सरकार ने अंकिता हत्याकांड मामले की सीबीआई जांच करने का फैसला लिया है। लेकिन सरकार को सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच करनी चाहिए। और जांच तीन माह में पूरी हो जानी चाहिए। कांग्रेस प्रदेश महामंत्री हरिकृष्ण भट्ट ने कहा भालूओं के आतंक से ग्रामीण परेशान है। भालू के हमले में घायल लोगों के उपचार के लिए सरकार को उचित धनराशी देनी चाहिए। साथ ही घायलों को पांच लाख तक का मुआवजा देना चाहिए। कांग्रेस जिलाअध्यक्ष सुरेश डिमरी ने कहा कि सरकार को मनरेगा में फेरदबदल करने से पहले उसकी विसंगतियों पर ध्यान देना होगा।

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