देवाल को पिछड़ा क्षेत्र घोषित करने की मांग, पेयजल, सड़क, बिजली के मामले सदन में उठाए देवाल। ब्लॉक सभागार में आयोजित बीडीसी की बैठक में लाेनिवि के ईई की अनुपस्थिति पर सदन में जमकर हंगामा हुआ। सदस्यों ने सांकेतिक धरना देकर नारेबाजी की और विभाग के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया। वहीं देवाल को पिछड़ा क्षेत्र घोषित करने का प्रस्ताव रखा गया। सदन ने जल जीवन मिशन के तहत धन के दुरूपयोग पर आक्रोश जताया। ब्लॉक प्रमुख तेजपाल रावत की अध्यक्षता में पहली बार आयोजित बीडीसी की बैठक में विधायक भूपाल राम टम्टा, सीडीओ अभिषेक त्रिपाठी, डीडीओ कमलेश पंत सहित कई विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में लोनिवि पर चर्चा शुरू होते ही प्रधान उमेश मिश्रा, खिलाप बिष्ट, नरेंद्र बिष्ट, रमेश गड़िया, कमल गड़िया, उर्वी दत्त जोशी आदि ने बैठक में ईई के नहीं आने पर सदन में धरना व नारेबाजी कर विभाग के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित करने की मांग की। प्रमुख ने निंदा प्रस्ताव पारित होने व कार्रवाई के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ। सदस्यों ने तोरती, उदयपुर, रामपुर, वाण आदि सड़कों के सुधारीकरण की मांग की। साथ ही बमोटिया में बिजली की लाइन बनाने, हरमल, अठठू, खेता सहित अन्य गांवों में झूलते बिजली के तार, तिरछे पोल को ठीक करने व ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की। बानुड़ी, हरमल, देवस्थली, तोरती आदि गांवों में पेयजल योजना का काम पूर्ण नहीं होने पर विभाग के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बैठक में सीडीओ अभिषेक त्रिपाठी ने विभागीय अधिकारियों से बैठक के प्रस्तावों पर गंभीरता से काम नहीं होने पर कार्रवाई की चेतावनी देते हुए तय सीमा में काम पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में ज्येष्ठ उपप्रमुख दीपक गड़िया, कनिष्ठ उपप्रमुख पिंकी देवी, जिपंस बलवीर राम, बीडीओ जयदीप बैरवाण, उमेश मिश्रा आदि मौजूद थे।