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126 वर्षों की गौरवशाली विरासत का उत्सव, नागनाथ इंटर कॉलेज का वार्षिकोत्सव

Renu Saklani Updated Tue, 26 May 2026 03:35 PM IST

शिक्षा, संस्कृति और गौरवशाली परंपरा के अद्भुत संगम के बीच पीएमश्री अटल उत्कृष्ट विद्यालय राजकीय इंटर कॉलेज नागनाथ का 126वां वार्षिकोत्सव एवं पूर्व छात्र सम्मान समारोह रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ भव्य रूप से सम्पन्न हो गया। वर्ष 1901 में अंग्रेजी शासनकाल में वर्नाक्यूलर मिडिल स्कूल के रूप में स्थापित यह शिक्षण संस्थान आज भी पूरे गढ़वाल क्षेत्र में शिक्षा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। समारोह में पूर्व छात्रों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और क्षेत्रीय लोगों की बड़ी भागीदारी रही। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि बद्रीनाथ के विधायक लखपत सिंह बुटोला, दिल्ली विश्वविद्यालय हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. हरेंद्र असवाल तथा पूसा के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. कैलाश भट्ट ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने “मा सरस्वती शारदे” की मनमोहक सरस्वती वंदना तथा “शुभ स्वागतम” स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया। विद्यालय परिसर दिनभर सांस्कृतिक रंगों से सराबोर रहा। छात्र-छात्राओं ने लोकगीतों, समूह नृत्यों और देशभक्ति प्रस्तुतियों से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। “जग की घड़ी की तज जिंदगी है ठोकरें मार दो” तथा “चल मेरी सरुली” जैसे गीतों पर प्रस्तुतियों ने खूब तालियां बटोरीं। वहीं प्रसिद्ध लोकगायक शशिभूषण त्रिपाठी ने “पंच बद्री पंच केदार मेरा मुल्क नागनाथ पोखरी” गीत प्रस्तुत कर पूरे वातावरण को उत्तराखंडी संस्कृति के रंग में रंग दिया। मुख्य अतिथि विधायक लखपत सिंह बुटोला ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी राष्ट्र की मजबूती उसकी शिक्षा व्यवस्था पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि बच्चों की बुनियादी शिक्षा मजबूत करने के साथ उनमें वैज्ञानिक सोच विकसित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1947 में देश की साक्षरता दर केवल 13 प्रतिशत थी, लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने देश को वैज्ञानिक सोच की दिशा में आगे बढ़ाया और कई वैज्ञानिक संस्थानों की स्थापना की। उन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि आज भारतीय वैज्ञानिक विश्व स्तर पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं।उन्होंने चीन का उदाहरण देते हुए कहा कि चीन भारत के बाद स्वतंत्र हुआ, लेकिन आज वह दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। यदि भारत को अमेरिका, चीन और ब्रिटेन जैसे देशों की बराबरी करनी है तो बच्चों को आधुनिक और वैज्ञानिक शिक्षा से जोड़ना होगा। विधायक ने विद्यालय परिसर में टाइल्स लगाने के लिए दो लाख रुपये तथा कॉलेज गेट के पुनर्निर्माण हेतु विधायक निधि से अलग से धनराशि देने की घोषणा भी की। विशिष्ट अतिथि डॉ. हरेंद्र असवाल ने कहा कि बदलते समय में प्रतिस्पर्धा का सामना करने के लिए बच्चों का बेसिक मजबूत होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मजबूत आधार के बिना कोई भी छात्र आगे नहीं बढ़ सकता। वहीं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. कैलाश भट्ट ने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है, लेकिन हमारी पारंपरिक खेती और ग्रामीण संस्कृति समाप्त होती जा रही है। वैज्ञानिक सोच अपनाकर ही मजबूत समाज और राष्ट्र का निर्माण संभव है। स

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