बागेश्वर में शिक्षक पात्रता परीक्षा अनिवार्य करने के खिलाफ शिक्षकों ने मोर्चा खोल दिया है। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संगठन ने जिला मुख्यालय में हुंकार रैली निकाली। डीएम के माध्यम से शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजकर टीईटी की अनिवार्यता का आदेश निरस्त करने की मांग के लिए सर्वोच्च न्यायालय में अपील करने की मांग की। सोमवार को संगठन के जिलाध्यक्ष रमेश सिंह रावत के नेतृत्व में जिलेभर के राजूहा शिक्षक नुमाइशखेत मैदान में एकत्र हुए। यहां से शिक्षकों ने नारेबाजी करते हुए डीएम कार्यालय परिसर तक रैली निकाली। शिक्षा मंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों को सेवा बरकरार रखने और पदोन्नति हासिल करने के लिए अनिवार्य रूप से टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करने का आदेश दिया है। 55 साल की उम्र तक के शिक्षकों को टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण नहीं करने पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति के दायरे में लाने की बात कही गई है। इस आदेश से प्रदेश के 15,000 से अधिक शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। इस आदेश से शिक्षक और उनके परिजन भी तनावग्रस्त हैं। कहा कि अधिक उम्र तक के शिक्षकों का दो साल में टीईटी पास करना असंभव लगता है। शिक्षकों ने मानवीय पहलू को देखते हुए शिक्षकों के लिए टीआईटी परीक्षा की अनिवार्यता से मुक्त करने की मांग की। इस माौके पर जिला महामंत्री भुवन चंद्र भट्ट, संरक्षक महेश चंद्र जोशी, जगदीश गुरुरानी, उपाध्यक्ष दमयंती, तारा सिंह सोरागी समेत 200 से अधिक शिक्षक मौजूद रहे।