29 अप्रैल 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में मुनार में बनने वाले मडुवे के बिस्कुट का जिक्र कर इसे राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित कर दिया था। अफसोस की बात है कि इसके एक साल बाद ही यह प्रतिष्ठान बंद हो गया। आज तक शासन-प्रशासन ने इसकी सुध तक नहीं ली। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने सीडीओ को ज्ञापन देकर इसे दोबारा संचालित करवाने की मांग की है। मंगलवार को सीडीओ आरसी तिवारी को ज्ञापन देकर बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने कपकोट के मुनार गांव में बन रहे मडुवे के बिस्कुट से 900 लोगों को रोजगार मिलने और 15 लाख की आमदनी होने की बात कही थी। पीएम मोदी ने इसे पलायन रोकने के लिए कारगर बताया था लेकिन वर्ष 2019 में ही यह प्रतिष्ठान बंद हो गया। उन्होंने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार ने मुनार में मडुवे के बिस्कुट की फैक्टरी खुलवाई थी। मडुवे के बिस्कुटों को लोकप्रियता मिलने के बाद कई किसानों को इससे रोजगार मिलने लगा और 20 से 25 रुपये प्रति किलो बिकने वाला मडुवा 50 रुपये किलो तक हो गया। 50 आंगनबाड़ी केंद्रों में भी मडुवे के बिस्कुट की सप्लाई हो रही थी। अचानक फैक्टरी बंद हो गई और कई लोगों का रोजगार छिन गया। बावजूद इसके शासन-प्रशासन ने इसकी सुध नहीं ली। उन्होंने जल्द इस प्रतिष्ठान को दोबारा संचालित करवाने की मांग की।