बागेश्वर जिले की नई जिलाधिकारी (डीएम) आकांक्षा कोंडे ने पदभार ग्रहण कर लिया है। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने जिले के समग्र विकास के लिए अपनी प्राथमिकताएं तय कीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाना उनकी शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। साथ ही उन्होंने जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान और आपदाग्रस्त क्षेत्रों के पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाने पर विशेष ध्यान देने की बात कही।
2018 बैच की आईएएस अधिकारी आकांक्षा कोंडे इससे पहले हरिद्वार में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) के पद पर कार्यरत थीं। इसके अलावा वे अल्मोड़ा की सीडीओ के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। बागेश्वर पहुंचने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी कोशिश रहेगी कि सरकार की प्रत्येक योजना धरातल पर प्रभावी रूप से लागू हो और जनता तक उसका लाभ समय पर पहुंचे।
उन्होंने कहा कि जिले के गांवों में मूलभूत सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाएगा। जहां-जहां समस्याएं होंगी, वहां तत्काल समाधान के प्रयास किए जाएंगे। आकांक्षा कोंडे ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि विकास कार्य केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका असर आम नागरिकों के जीवन में दिखे।”
जिलाधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं और 108 एंबुलेंस प्रणाली पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की नियमित समीक्षा होगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जाएगा ताकि जनता को परेशानी न झेलनी पड़े।
आपदाग्रस्त क्षेत्रों को लेकर उन्होंने कहा कि वह जल्द ही ऐसे इलाकों का स्थलीय निरीक्षण करेंगी और पुनर्निर्माण व सुधार कार्यों को तेजी से पूरा कराने के निर्देश दिए जाएंगे। आकांक्षा कोंडे ने कहा कि उनकी प्राथमिकता जनता से सीधा संवाद बनाए रखना और उनकी समस्याओं का समाधान करना रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य जनता की सुविधा और विश्वास को मजबूत करना है।
“जनता की हर समस्या का त्वरित और प्रभावी समाधान मेरी पहली जिम्मेदारी होगी,” — आकांक्षा कोंडे, जिलाधिकारी, बागेश्वर.