स्याल्दे क्षेत्र में बढ़ती निराश्रित पशुओं की समस्या के समाधान के लिए स्याल्दे तहसील में आंदोलन 12वें दिन भी जारी रहा। आमरण अनशन पर बैठे राकेश बिष्ट बृहस्पतिवार को लगातार छठे दिन भी डटे रहे जबकि क्रमिक अनशन पर कई गांवों की महिलाएं शामिल हुईं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से नियमित जांच में बिष्ट का वजन कम पाया गया जिससे चिंताएं बढ़ गईं हैं।बृहस्पतिवार को क्षेत्र की महिलाएं और पुरुष बड़ी संख्या में क्षेत्र में घूम रहे लावारिस पशुओं को एकत्र कर तहसील प्रांगण में पहुंचे और वहां सांकेतिक धरना दिया। तिमली, पैठाना, कैहड़गांव, जसपुर, भाकूड़ा, तामाढौन, खटलगांव और स्याल्दे बाजार सहित कई ग्राम पंचायतों की महिलाओं ने जुलूस निकालकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उनकी प्रमुख मांगों में गोशाला निर्माण सहित सात बिंदुओं पर तत्काल कार्रवाई शामिल है। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो 27 नवंबर को लगभग 300 पशुओं के साथ बड़ा जुलूस निकालकर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।