'करें योग, रहें निरोग' और 'एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य' का संदेश देकर नमामि गंगे ने बुधवार को नवनिर्मित सामने घाट पर योग किया। योग केवल व्यायाम नहीं, जीवन का विज्ञान है, इस आग्रह के साथ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मनाए जा रहे योग सप्ताह के तहत गंगा तट पर योग साधना की गई। गंगा घाट पर योग को साधकर आत्मा, प्रकृति और संस्कृति को एक सूत्र में पिरोने का आवाह्न भी किया। पौ फटते ही बारिश की बूंदों के बीच सवेरे की शांति में ताड़ासन, भ्रामरी प्राणायाम, अनुलोम-विलोम, कपालभाति, त्रिकोणासन, वज्रासन, चक्रासन और सूर्य नमस्कार जैसे विभिन्न योगासनों का अभ्यास करके सकारात्मकता, चेतना और आध्यात्म को आत्मसात किया गया। उषा सिंह ने सभी को योगाभ्यास कराया। नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस न सिर्फ योग के महत्व को समझने का मौका है, बल्कि अपनी स्वस्थ जीवनशैली की ओर एक नया कदम बढ़ाने का संकल्प लेने का अवसर भी है। योग केवल शरीर की कसरत नहीं है, बल्कि यह एक आध्यात्मिक और मानसिक अनुशासन है, जो संपूर्ण जीवनशैली को संतुलित बनाता है। जैसे भोजन शरीर के लिए आवश्यक है, वैसे ही योग भी शरीर, मन और आत्मा की आवश्यकता है। यह न केवल बीमारियों से बचाता है, बल्कि मन को भी एकाग्र करता है। योगाभ्यास में प्रमुख रूप से नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक और नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला, उषा सिंह, पुष्पा तिवारी, डॉ. मीना मानसी, शर्मिला सिंह, प्रियंका सिंह, सुधा सिंह, रीना सिंह, संजीवनी सिंह, सत्या, नूतन सहित सैकड़ों लोग शामिल रहे।