संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के 69वां स्थापना दिवस महोत्सव शुक्रवार को संपन्न हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार द्वारा वेदोक्त मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजन-अर्चन और यज्ञ का आयोजन किया गया। इस दौरान कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, दर्शन एवं जीवन मूल्यों की आत्मा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की गौरवशाली परंपरा को बनाए रखते हुए आधुनिक शिक्षा के साथ संतुलन स्थापित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने सभी शिक्षकों, कर्मचारियों एवं छात्रों से आह्वान किया कि वे भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन में सक्रिय भूमिका निभाएं।