मिर्जापुर के अहरौरा में भूख से बिलखते दर-दर भटकते सुदामा की सिसकारियों की गूंज का असर प्रशासन पर भी पड़ा है। मानसिक रूप से बीमार मां और बिलखते सुदामा का आंसू पोछने शुक्रवार को उप जिलाधिकारी चुनार चंद्रभानु सिंह पटिहटा गांव पहुंचे। उसके अच्छे भविष्य की आस बंधाकर प्रशासनिक मदद का आश्वासन दिया। तीन वर्ष पूर्व पिता नारायण की असामयिक मृत्यु ने सुदामा के सर से पिता का साया छीन लिया। रहने के लिए कच्चा मकान भी गिर गया। सर छुपाने के लिए मां काली मंदिर परिसर में जगह मिली। रही सही कसर उसकी मां किरन की बीमारी ने भी छीन लिया। मानसिक विक्षिप्तता के चलते मां ने भी अपना सुधबुध खो दिया। खाने के भी लाले पड़ गए। कक्षा छह का छात्र सुदामा पढ़ाई छोड़कर मां का पेट पालने के लिए दर-दर भटकत रहा था। तीन दिनों की भूख ने उसे इतना बेचैन कर दिया कि जब सुदामा इमिलिया चट्टी पुलिस चौकी पहुंचा तो चौकी प्रभारी दिलीप गुप्ता उसे भोजन कराया।