कैंट स्टेशन के वाहन पार्किंग में लगी आग से कुल 203 वाहन जलकर नष्ट हो गए। जीआरपी, आरपीएफ और रेलवे, सिगरा पुलिस की संयुक्त टीम इस मामले की जांच कर रही है। फोरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य संकलन किया है। प्रयागराज जीआरपी एसपी अभिषेक यादव शनिवार की सुबह घटनास्थल पर पहुंचे और जानकारी ली। गले जले तार आदि की जांच की। अब तक की छानबीन में प्रथम दृष्टया शॉर्ट सर्किट से ही आग लगी है। जीआरपी एसपी ने एडीआरएम और कैंट स्टेशन निदेशक संग बैठक की। हादसे के बाबत उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के उच्चाधिकारियों की टीम भी कैंट स्टेशन पहुंच रही है। वाहन पार्किंग में जली बाइक और स्कूटी की तस्दीक करने सुबह काफी संख्या में रेलकर्मी पहुंचे। किसी की नई बुलेट तो किसी की नई स्कूटी आग की भेंट चढ़ गई। आग की घटना में क्षति की भरपाई को लेकर रेल यूनियन भी मुखर हो गया। नॉर्दर्न रेलवे मेंस यूनियन के शाखा सचिव डीके सिंह और उत्तरी रेलवे मजदूर यूनियन के शाखा सचिव विंध्यवासिनी यादव ने कहा कि रेलकर्मियों को उनकी क्षति दुपहिया वाहन की भरपाई हो। वाहन पार्किंग के समीप चाइल्ड लाइन का कार्यालय है। लपटे इतनी तेज थी कि चाइल्ड लाइन का कार्यालय भी जद में आ गया। कार्यालय के अंदर फर्नीचर, एसी और अन्य सामान जलकर नष्ट हो गए।