बीएचयू के वैज्ञानिकों और रिसर्च लैब ने भी माना है कि गंगा में गंदगी से निजात अभी नहीं मिलने वाली। अस्सी घाट पर गंगा दशहरा के सजे मंच से लेकर तुलसी घाट तक दिख जाएगा। मगर वहां तक गंदगी भी दिखेगी। सोमवार को अमर उजाला की पड़ताल में सामने आया कि अस्सी से तुलसी घाट के किनारे फूल-माला व निर्माल्य फेंके हुए हैं। बीच-बीच में मिट्टी के टीले, कूड़ों के ढेर और मलबा पटा हुआ है। बीच-बीच में छोटी नालियों से गंदे पानी के साथ प्लास्टिक भी बह रहा था। तुलसी घाट पर जहां लोग स्नान कर रहे थे, वहीं पेशाब की बदबू और कई तरह की गंदगियों का अंबार लगा था।