स्विटजरलैंड की टीम की देखरेख में मंगलवार को कैंट स्टेशन से काशी विद्यापीठ तक रोप पुलिंग का काम शुरू हो गया है। यह काम गिरजाघर तक किया जाएगा। इसी रोप के सहारे ट्राली चलाई जाएगी। तकनीकी रूप से टीम ने सूरज की रोशनी में काम करने पर सहमति जताई थी। जिसके बाद यह काम शुरू हो गया है। पहले चरण में रोप पुलिंग का काम कैंट स्टेशन से काशी विद्यापीठ भारत माता मंदिर तक होगा।रोप पुलिंग के लिए एडवांस ड्रोन टेक्नाेलाॅजी का सहारा लिया जा रहा है। मुख्य रोपवे केबल की सफल स्थापना करने के लिए इस प्रक्रिया में पांच चरण शामिल हैं। पहले चरण में एक ड्रोन से 1 मिमी नायलॉन प्री-रस्सी खींची जा रही है। यह हल्की रस्सी बाद की रस्सियों के लिए प्रारंभिक मार्गदर्शक के रूप में कार्य करती है। दूसरे चरण में प्री-रस्सी के बाद, उसी रास्ते पर 3 मिमी नायलॉन की रस्सी खींची जाएगी। यह रस्सी मजबूत होती है।