काशी विश्वनाथ मंदिर प्रांगण में स्थित प्राचीन पीपल वृक्ष के दीर्घकालिक संरक्षण हेतु विशेष कार्य आरंभ किया गया। इस पवित्र वृक्ष को आगामी 100 से 200 वर्षों तक सुरक्षित और सजीव बनाए रखने के उद्देश्य से वैज्ञानिक तथा पारंपरिक विधियों के समन्वय से उपचार की प्रक्रिया प्रारंभ की गई।