वाराणसी में आयोजित बनारस लिटरेचर फेस्टिवल के चौथे संस्करण में शनिवार को लेफ्टिनेंट अरुण अनंथनारायण ने प्रतिमा गुप्ता के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि मैं अहम नहीं, मेरा तिरंगा और मेरी फौज अहम है। वक्ता ने जोर दिया कि भारत विविधताओं का देश है, जहां लोग अलग-अलग पृष्ठभूमि से होते हुए भी मिलकर राष्ट्र निर्माण कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं से शिक्षा के साथ कौशल सीखने का आह्वान किया, ताकि वे प्रगतिशील विश्व में भारत की भूमिका को और मजबूत बना सकें।