मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'सड़कें चलने के लिए होती हैं, तमाशे के लिए नहीं...' वाले बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री के इस बयान का अखिल भारतीय संत समिति ने समर्थन किया है। अखिल भारतीय संत समिति एवं गंगा महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती ने सोमवार को कहा कि सड़कों का निर्माण जनता के टैक्स के पैसे से होता है और उनका उपयोग आमजन के आवागमन के लिए होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक सड़कों को अवरुद्ध कर धार्मिक गतिविधियां आयोजित करना उचित नहीं है। स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि किसी भी धर्म को मानने वाले लोगों को कानून और व्यवस्था का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सड़क पर नमाज जैसे आयोजन से आम लोगों को परेशानी होती है और यातायात प्रभावित होता है। धार्मिक कार्यक्रमों के लिए निर्धारित स्थानों का उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान को जनहित में बताया और कहा कि सरकार को सभी धर्मों के लिए समान नियम लागू करने चाहिए। संत समिति का मानना है कि सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार की गतिविधि से यदि आम जनता को दिक्कत होती है तो प्रशासन को उस पर कार्रवाई करनी चाहिए।