मां अन्नपूर्णा के भक्तों को 48 सालों के इंतजार के बाद मंडलाभिषेक का साक्षी बनने का अवसर मिलेगा। माता अन्नपूर्णा मंदिर में शिव विवाह की परंपराएं निभाई जाएंगी। मंदिर के गर्भगृह में विराजमान माता अन्नपूर्णा के विग्रह से लेकर शिखर तक हिमालय की जड़ीबूटियों, देश की पवित्र नदियों के जल से अभिषेक किया जाएगा।