राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान एनएमसीजी (राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन) को फटकार लगाई। एनजीटी ने पूछा कि नदियों की धारा और बाढ़ क्षेत्र के मैदानी क्षेत्रों पर अतिक्रमण पर एनएमसीजी मूकदर्शक क्यों बनी हुई है। एनजीटी ने मौखिक रूप से तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि क्या एनएमसीजी डाकघर की तरह काम करती है?