पवित्र मास सावन में काशी के सभी प्रमुख शिवालयों में बाबा के भक्तों द्वारा जलाभिषेक किया जाता है। लाखों की संख्या में दूर-दूर से कांवड़िया जल लेकर बाबा विश्वनाथ के दरबार में आते हैं। लेकिन काशी में एक ऐसा अद्भुत शिवालय देखने को मिलता है। बाबा की शिवलिंग पर पूरे सावन भर मां गंगा खुद जलाभिषेक करती हैं। ये शिवालय काशी विशेश्वर खंड के अंतर्गत मणिकर्णिका तीर्थ पर स्थित रत्नेश्वर महादेव मंदिर के नाम से विराजमान है। पंडित प्रद्युम्न शर्मा के अनुसार, 'यह मंदिर राजा मानसिंह के एक सेवक ने अपनी माता रत्ना बाई की श्रद्धा में बनवाई थी। मंदिर बनने के बाद उसने गर्व से कहा 'मैंने अपनी मां का कर्ज चुका दिया।' कहते हैं, तभी से यह मंदिर झुकने लगा, यह दर्शाने के लिए कि मां का कर्ज कभी चुकाया नहीं जा सकता। इस मंदिर को अपने आप में और अद्भुत बनने का कारण उसका झुकाव है, जो पीसा (इटली के पीसा शहर) से भी ज्यादा झुकी हुई और लंबी है। पीसा टॉवर लगभग चार डिग्री तक झुका हुआ है, लेकिन रत्नेश्वर मंदिर लगभग नाै डिग्री तक झुका हुआ है। 2015 में बिजली गिरने से शिखर के कुछ तत्वों को साधारण क्षति हुई। वर्तमान में यह मंदिर सोशल साइट्स और फोटोग्राफी के लिए ज्यादा फेमस है।