गंगा नदी के घाटों पर स्नान करने वाले श्रद्धालुओं और आरती में शामिल होने वाले भक्तों की सुरक्षा के लिए प्रशासन और मांझी समाज के बीच शनिवार को गोष्ठी हुई। एडीसीपी काशी जोन सरवणन टी और मांझी समाज के अध्यक्ष प्रमोद मांझी की उपस्थिति में जल पुलिस कार्यालय में संपन्न हुई। इसमें भीड़भाड़ वाले घाटों जैसे तुलसी, चौसठी, मीर, असी और रानी घाट पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने पर जोर देने को कहा गया। गहरे और संवेदनशील घाटों पर बड़े चेतावनी बोर्ड लगाने, रेड जोन को लाल रंग से और सुरक्षित स्नान क्षेत्रों को हरे रंग से चिह्नित करने का सुझाव दिया। सुरक्षा उपायों में बैरिकेडिंग, एनडीआरएफ की तैनाती, और गोताखोरों की संख्या बढ़ाने की बात भी शामिल थी। नाव चालकों को मादक पदार्थों का सेवन न करने, क्षमता से अधिक सवारी न बैठाने, रात्रि 8:30 बजे के बाद नाव न चलाने और लाइफ जैकेट अनिवार्य रूप से पहनाने को कहा। सेल्फी लेने और गहरे पानी में जाकर तैराकी सिखाने वाले कोचों पर भी अंकुश लगाने का निर्णय लिया।