त्रेतायुग से मरदह स्थित महाहर धाम नाता है। यहां प्राचीन तेरह मुखी शिवलिंग स्थापित है। मान्यता है कि राजा दशरथ ने ब्रह्मा के आर्शीवाद से श्राप मुक्ति और पुत्र प्राप्ति के लिए यहां शिवलिंग की स्थापना और मंदिर का निर्माण कराया था। जहां पूरे सावन माह मंदिर परिसर घंटों की आवाज से गुंजायमान रहता है। यहां सबसे अधिक भीड़ होती है। ऐतिहासिक-पौराणिक महत्व के कारण यह धाम आस्था और विश्वास का केंद्र है।