देवराज इंद्र जिनके पवित्र चरणों की सदैव सेवा करते हैं, जिनके मस्तक पर चंद्रमा शिरोभूषण के रूप में सुशोभित है, जिन्होंने सर्पों का यज्ञोपवीत अपने शरीर पर धारण किया है, नारद सहित बड़े-बड़े योगीवृंद जिनका वंदन करते हैं, ऐसे काशीपुरी के स्वामी बाबा श्री कपाल भैरव प्राकट्योत्सव के अवसर पर काशी के न्यायाधीश बाबा श्री लाट भैरव का भव्य अन्नकूट भोग श्रृंगार किया गया।