शिवरात्रि संगीत महोत्सव की अंतिम निशा को प्रख्यात ड्रम वादक पद्मश्री शिवमणि ने यादगार बनाया। शिवमणि एवं मेंडोलिन वादक यू राजेश ने जुगलबंदी कर नाद ब्रह्म की उपासना की। दोनों कलाकारों ने अपने वादयंत्रों की जादू ऐसे चलाई की सभी इनके मोहपास में बंधे रहे। शिवमणि ने थाली, बाल्टी, कटोरी, भगौने, परात व लोटे आदि बर्तनों से धुन निकाल सबको चकित कर दिया।