बाबा विश्वनाथ कुंभेश्वर महादेव के रूप में पहली बार माघ मेले में विराजेंगे। माघ मेले में आने वाले भक्तों को भी महादेव का आशीर्वाद प्राप्त होगा। माघ मेले के समापन के साथ ही वह काशी लौट आएंगे। इस परंपरा की शुरुआत साल के पहले दिन से कर दी गई है। अब यह आने वाले वर्षों में भी जारी रहेगी।