शुक्रवार को बाबा काल भैरव का महामसान भैरव के रूप में शृंगार किया गया। इस अवसर पर बाबा की नैनाभिराम झांकी सजाई गई। आरती के बाद बाबा को विभिन्न प्रकार के मिष्ठान, फल, पकवान का भोग लगाकर मंदिर का पट भक्तों के लिए खोल दिया गया। कपाट खुलते ही बाबा के जयकारे से समूचा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। इस अवसर पर बाबा का दरबार कामिनी की पत्ती, रजनीगंधा, गेंदा और देशी-विदेशी फूलों से सजाया गया। मंदिर के गर्मगृह का हिम शृंगार किया गया जो अलौकिक रहा। मंदिर में आने वाले मार्गों में आकर्षक सजावट की गई थी। मंदिर के प्रधान पुजारी बबलू मिश्रा ने बताया कि बाबा का शृंगार आज महामसान के रूप में किया गया। पांच तरह के फल, पंचमेवा, मदिरा, उड़द का बड़ा बाबा को भोग लगाया गया। भजन-कीर्तन पर भक्तों ने जयकारे लगाए। भक्तों को प्रसाद के रूप में सूजी का हलवा और चना दिया गया।