गंगा सप्तमी पर शिव की नगरी में गंगा पूजन, स्नान और दान का सिलसिला चला। गंगा घाट से लेकर मंदिरों तक मां गंगा के अवतरण दिवस को भव्यता के साथ मनाया गया। श्री काशी विश्वनाथ धाम में पहली बार गंगा सप्तमी पर घाट से लेकर गर्भगृह तक अनुष्ठान संपन्न हुए। अस्सी से राजघाट के बीच 15 से अधिक घाटों पर गंगा पूजन हुआ।