मन में आस्था हो तो बाधाएं कैसी भी हों खुद ब खुद दूर हो जाती हैं। शुक्रवार को नाटी इमली के भरत मिलाप में भी कुछ ऐसा ही हुआ। एक तरफ आसमान से इंद्र भगवान बरस रहे थे तो दूसरी ओर राम और भरत के मिलाप को देखकर आस्थावानों के पलकों की कोर भीग गई। पांच मिनट की लीला को देखने के लिए छाता लगाकर और रेनकोट में श्रद्धालु छह घंटे ही लीला मैदान में डट गए।