देव दीपावली के पूजन और दीए जलाने के लिए काशी नगरी तैयारी है। शुक्रवार की भोर से ही गंगा स्नान के लिए लोगों की भीड़ घाटों पर इकट्ठा हो गई थी। गंगा स्नान के बाद लोगों ने दान-पुण्य किया। इसके बाद मां गंगा की भव्य आरती भी देखी। खबर लिखे जाने तक गंगा स्नान जारी रहा। घाटों पर काशी के साथ अन्य जिलों से भी लोग आए थे। देवताओं की दीपावली मनाने के लिए शिव की नगरी सजकर तैयार है। गंगा के अर्धचंद्राकार घाट दीपों का चंद्रहार पहनेंगे तो मंदिरों से लेकर घरों की चौखट भी दीपों की रोशनी से जगमग होगी। देव दीपावली पर गंगा-वरुणा, गंगा-असि और गंगा-गाेमती के संगम पर भी दीपदान होगा। श्रद्धालु व पर्यटक गंगा पार रेत पर शिव के भजनों के साथ ग्रीन क्रैकर्स लेजर शो का भी आनंद ले सकेंगे। देव दीपावली पर गंगा में उतरती आस्था की सीढ़ियों पर सनातन की ज्योति से पूरा विश्व दीप्तिमान होगा। काशी की जनता के साथ ही देश-विदेश से आए मेहमान दीप जलाकर देवताओं के साथ देव दीपावली मनाएंगे। जनसहभागिता से काशी के घाटों, कुंडों, तालाबों और देवालयों में 17 लाख से अधिक दीप जलाए जाएंगे। इसमें तीन लाख से अधिक दीप गाय के गोबर से बने हुए हैं।