चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन काशी में श्रद्धा और आस्था का विशेष संगम देखने को मिला। गाय घाट स्थित मां मुखनिर्मालिका गौरी मंदिर में भोर से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतार लग गई थी। ब्रह्ममुहूर्त में मंदिर के आचार्यों द्वारा मां मुखनिर्मालिका गौरी को नूतन वस्त्र धारण कराए गए और विधि-विधान से विशेष श्रृंगार किया गया। इसके बाद मंदिर का पट दर्शनार्थियों के लिए खोला गया। सुबह से ही शक्ति उपासक कतारबद्ध होकर मां के दर्शन करते रहे। भक्तों ने मां को गुड़हल का फूल, चुनरी, नारियल और मिष्ठान अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। दोपहर में मां का विशेष श्रृंगार किया गया। देर शाम तक मंदिर परिसर में दर्शन-पूजन एवं मंत्रोच्चार गूंज रहा था। नवरात्रि के प्रथम दिन मां गौरी की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। भक्तों ने मां मुखनिर्मालिका गौरी के दर्शन कर अपने घर-परिवार के सुख, शांति और मंगल की कामना की।